कहानी
By Mridul Krishna Tripathi
उस बेवफा की कहानी जो तुम सुना रही हो
वो सिर्फ मेरी नहीं, थोड़ी तुम्हारी भी थी
जिस गलती की बात हो रही है
वो सिर्फ मेरी नही, थोड़ी तुम्हारी भी थी
अगर उस दिन रोका होता हमने एक दूसरे को
तो जो बच जाती जवानी
वो सिर्फ मेरी नहीं, थोड़ी तुम्हारी भी थी।।
By Mridul Krishna Tripathi

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