कल से हमारे घर से
By Akshar Tekchandani
कल से मेरे घर से काम पे जाना,
मैं सुबह चाय बहाऊंगा, तुम रात को दूध बहाना;
कल से मेरे घर से काम पे जाना |
Office में अपना address बदल आना,
फ़िलहाल, Temporary में ये गली,
और Permanent में मेरा दिल लिख आना;
कल से मेरे घर से काम पे जाना |
कभी मैं आपा खो के चिल्ला दूं,
तो तुम भी पलट के गुर्राना, क्योंकि
जीवन में नमक मात्र तो होना चाहिए ना Drama
कल से मेरे घर से काम पे जाना |
घबराओ मत,
अब भी मैं तुम्हे नाराज़ करके मनाऊँ;
तो तुम उतना ही इतराना,
कल से मेरे घर से काम पे जाना |
मैं दोस्तों के बीच कोई गीत गलत गा दूँ,
तो तुम मेरा हाथ पकड़, सही धुन गुनगुनाना;
कल से मेरे घर से काम पे जाना |
अभी तो ये सिर्फ एक मकान है,
तुम आओगी तभी बनेगा हमारा आशियाना
कल से मेरे घर से काम पे जाना |
मैं वादा करता हूँ अबसे रोज़ नहाऊंगा,
कभी ‘गलती से’ तुम भी अंदर आ जाना
कल से मेरे घर से काम पे जाना |
मेरे सड़े हुए चुटकुलों पर दुनिया भले न हंसे,
बहुत होगा, तुम्हारा यूं ही ज़रा सा मुस्काना
कल से मेरे घर से काम पे जाना |
काम से थक के वापिस आओ,
तो रोज़ मुझसे सर-पैर दबवाना,
कल से मेरे घर से काम पे जाना |
आधी ज़िन्दगी तो Office में निकल रही है
कभी-कभी मेरी संग बीमार होने का लगा देना बहाना
कल से मेरे घर से काम पे जाना |
बस बहुत हुआ; अब अच्छा नही लगता मुझे
हमारा हफ़्ते में एक-आद दिन ही मिल पाना
अब तो हर शाम,
का हर पल,
है तुम्हारे पास बिताना
कल से हमारे घर से काम पे जाना |
कल से हमारे घर से काम पे जाना ||
By Akshar Tekchandani

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