'कल बात करते हैं'
By Shally Sharma
'कल बात करते हैं'
तेरे बारे में बात करूँ तो,
ये ज़िंदगी भी कम हैं।
अपने बारे में क्या कंहुँ.....
कल बात करते हैं।
तू तो मेरी चाहत की
हर अदा हैं हमदम,
मैं क्या हूँ तेरी.....
आज नहीँ कल बात करते हैं।
मेरी बातों को सुनते सुनते,
तूने कब रात से सुबह कर दी,
तुझे सुनना जो चाहा मैंने,
तूने कहा, कल बात करते हैं।
By Shally Sharma

Good poem
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Beautiful ❤️
Beautiful lines
Beautiful poem