कभी लोटे ही नहीं।
By Smita Chaudhary
कितना ढूंढा और
तलाशा हमने,
कोना कोना घर का
छाना हमने
जानें सब कहाँ
जाके छुप गए
धीरे धीरे करके
खामोशी से
जानें कहाँ खो गए
हम सबने दी आवाज
खूब पुकारा उनको
लेकिन..... वो लोटे नहीं,
कभी लोटे ही नहीं।
By Smita Chaudhary

👌🏻👌🏻
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