कभी आए ऐसी ईद
By Noorussaba Shayan
हम सब को है उम्मीद
कभी आए ऐसी ईद
अर्श और फ़र्श दोनों पर
हमको मिले चांद की दीद
मोहब्बतें बिछी हों हर सफ़
हर शेय हो प्यार की मुरीद
फ़र्क़ हम सब में है बेशक
ये फ़र्क़ ही तो है फ़रीद
अपना के हर फ़र्क़ को
दिल से कहें खुशामदीद।
By Noorussaba Shayan

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