कन्या दान !
By Abhay Raj Chand
जो अपने बाबा की वो जान हैं,
आज किसी और पर कुर्बान हैं,
बाबूल के इस आंगन में
आज उसकी आखिरी शाम है।
जो कल तक अमानत थी एक पिता की,
अब वो किसी और के घर की शान हैं,
बड़े नाजों से पाला था एक पिता ने उसको,
आज वो किसी और के नाम है।
कहते हैं कन्या दान सबसे बड़ा दान होता है,
और शायद यही एक पिता की पहचान हैं,
इसीलिए आंखों में आंसू तो खूब हैं उसके,
पर चेहरे पर एक छोटी सी मुस्कान है।
By Abhay Raj Chand

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