कतार मे लगते है
By Abhishek Kumar
मात्रभूमि के नवश्रंगार मे लगते है ।
आओ हम सब भी कतार मे लगते है ।।
बैठे- बैठे राष्ट्र भला कब बदले है,
रक्त आहुतियो से बदले जब बदले है ।
अब तो है बस बात जरा सी पीडा की,
उत्साहित हो इस विचार मे लगते है ।
आओ हम सब भी कतार मे लगते है ।।
आंदोलन ने सिंहासन बदले है बहुत,
वीर क्रांतियो ने शासन बदले है बहुत ।
पहली पहल है सिंहासन की क्रान्ति मे,
छिपे शत्रु पर कडे वार मे लगते है ।
आओ हम सब भी कतार मे लगते है ।।
By Abhishek Kumar

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