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कौन करेगा सरपंची

Nov 5, 2022
2 min read

By Aqeel Agaz


महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार देकर बराबरी पर लाने की कोशिश का नतीजा था कि राजधानी से लगे रोशनी को तरसते डामरीकरण से कोसों दूर मूलभूत सुविधाओं की राह तकते अपने पिछड़ेपन पर आंसू बहाते, टूटी छत वाले स्कूल से बच्चों की बढ़ती दूरी व मास्टर जी की आय दिन की गैरहाजिरी से त्रस्त इस ग्राम के निवासियों की ग्राम पंचायत को महिला सरपंच के हवाले करने का सरकारी ऐलान होते ही उन मर्दो की परेशानियों पर बल पड़ना शुरू हो गए जो पिछले कुछ समय से सरपंची के ख्वाब देशकर सेवा में लगे थे।



पिछली सरपंची का चुनाव हारे हुए जालम सिंह तो तिलमिलाकर रह गए, क्योंकि इस बार चुनाव जीतने के सभी हथकंडे वह सीख चुके थे कि किस तरह भवनाओं की लहरों पर वादों की पतवार से चुनावी कश्ती (नाव) को सुनहरे कल के किनारे पर लाया जा सकता है। इस छोटे से ग्राम में राजनैतिक परिपक्वता को दर्शाते हुए जालम सिंह ने अपनी सीधी सादी अनपढ़ पत्नि सुविधा बाई को ही मैदान में उताकर अपने दबदबे को कैश कराते हुए अपनी सरपंची की हसरत पूरी करने की ठान ली। पत्नि घर बैठी रही, जालम सिंह ने चुनावी कमान संभालते हुए बाजी मार ली। देश विदेश के सामाजिक संगठनों ने इत्मीनान की सांस ली कि भारत की शहरी ही नहीं, ग्रामीण महिलाएँ भी पुरुषों से टक्कर ले रही हैं तथा समाज उन्हें बराबरी का दर्जा दे रहा है। इन्हीं सब बातों का अध्ययन करने एक डेलीगेशन के साथ आए पत्रकार ने विकास की योजनाओं के बारे में जानना चाहा तो सरपंच सुविधा बाई का उत्तर था- यह विकास जी कौन हैं। इससे पहले तो इस गांव में दिखे नहीं जब यह पूछा गया कि आप सरपंची कैसे करेंगी तो उनका उत्तर था हम क्या जाने चालक सिंह के पिता जाने, उन्हें सरपंची कैसी करनी है। सीधी सादी अशिक्षित होने के कारण सरपंची का दायित्व निभाने में आने वाली अड़चनों की और ध्यान आकर्षित करना चाहा तो इंटरव्यू सुन भीड़ ने ही जवाब दिया कि जब राबड़ी देवी प्रदेश की मुख्यमंत्री बनकर सत्ता पर बैठ सकती हैं तो सरपंची क्या चीज है। चलते चलते पत्रकार महोदय ने आखिरी सवाल जालम सिंह से भी पूछ लिया कि उन्होंने महिला सरपंची के लिए अपनी बहन, माँ या बेटी को मैदान में न उतारकर अपनी पत्नि को ही क्यों उतारा? इस प्रश्न पर जालम सिंह बगलें झांकने लगे। संभवत: वह चाहकर भी यह न कह सके कि राजनीति अब बहन बेटी के लिए नहीं है, मजबूरी हो तो पत्नि को ही आगे किया जा सकता है।


By Aqeel Agaz




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