और वो शब्द, जीवन को एक अर्थ दे जाते हैं
- Hashtag Kalakar
- Dec 10, 2025
- 1 min read
By Umang Agarwal
जब कभी
दिल थोड़ा सा उदास हो जाता है
मन जब
थोड़ा सा परेशान हो जाता है
तो यह उदासी
लावा बनकर फूट पड़ती है
और वो लावा
काग़ज़ में सिमट जाता है।
जब कभी
इस रुपहले संसार की चमक
आँखों को चुंधियाने लगती है
और यह मृगमरीचिका
मन का सुख-चैन छीन लेती है
तो यह आक्रोश
आँसू बन छलक पड़ता है
और वो आँसू स्याही बन जाते हैं।
जब कभी
जीवन से जी उचाट हो जाता है
अनमना सा मन
इस विशाल दुनिया में
ख़ुद को अकेला,
बिल्कुल अकेला पाता है
तो पता नहीं कब,
किस कोने से
शब्द निकल पड़ते हैं
और वो शब्द
जीवन को एक अर्थ दे जाते हैं।
By Umang Agarwal

✨✨✨✨
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Beautiful Poem
Very well expressed..must have resonated with many..universal human thought, that many might have experienced has been aptly inked in these beautiful verses.