ओह्ह्ह ख़ुदा जो दिया है.. तुमने हमें..
By Monika Jayesh Shah
ज़िंदगी को चलाने की जोड़ और घटाने में पहले़ अपनों से रिश्ता जोड ले..अपने मन-मंदिर में भगवान को सबसे पहले मान ले..आज सबके दिलों में सुंदर मन रुपी भगवान की मूरत हैं..बस उन्हें अपना मान अपने दिल में बसा लें..ना कर भले रोज पूजा पर दिल से हर एक के दिल को सम्मान दे!
जीना है..तो अाज में जी ले बन्दे..कल की चिंता में अाज की ज़िंदगी को दुखी मत होने दे..दिल से तुम्हें जिस बात में खुशी मिलती हैं.. वो पहले कर ले..हर एक पल का सुखद अनभव और उसकी अनुभूति ही जीवन संगम है..
एक छोटी सी कविता के माध्यम से ..ज़िन्दगी को अाज में जीना सिखाया हैं!
कविता
किसने सोचा किसको पहले जाना हैं..
ये जीवन अपना आना और जाना है..
क्या लेगा और क्या देगा..तू दुनिया को
अपनी प्यारी दुनिया तुझे ही बनाना हैं..
कर ले बाते चार मुस्कुरा कर हमसे भी..
आज रो कर किसे क्या मिला है..
एक दिन तो सबको जाना है ..
क्या खोना और क्या पाना है..
एक दिन अपना भी आना है!
कर कोई आज में ऐसा काम..
तभी अपनो में होगा तेरा नाम..
रोज नहीं पर एक दिन ही सही..
एक दिन तो याद करेगी दुनिया..
तब दिल से होगा अहसास तुम्हे.
पहले तो खुश होकर अपने लिए जीना है..
फिर अपनो को ही अपने में जीना सिखाना है!
तकदीर में जो होगा हम सब के..
वो लौट कर हमें ही मिल जाना हैं..
आज में कल की फिकॖ न कर ..
जीना हैं तो आज में जी ले!
अमने सुखद-संसार का अनुभव कर ले..
कल की चिंता में आज का
महत्व भी खो जायेगा!
जो खुशी आज में मिलनी हैं ..
उसको कल में याद करके रोना नहीं हैं..
अपनी दुनिया तो आज की खुशी में हैं..
आप सब से मिलकर बात करने में हैं..
फिर हम क्यों करे दूरी इस पल को जीने में!
आज का पल आप का हम सब का
खुशियों भरा हो हमेशा..
बस रब से यही दुआ हम रोज करते हैं!
By Monika Jayesh Shah

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