एकतरफ़ा इश्क़ का अंजाम
By Vansh Sahni
जब इश्क़ में थे मशरूफ़, तो लगा था रिश्ते की हर चुनौती होगी पार,
नहीं आएगी इस रिश्ते के बीच में दरार।
सोच लिया था मैंने, upto too far।
यह इश्क़ की हिफ़ाज़त में, बड़े कायदे से बोलने लगी थी मैं झूठ।
इससे पहले कि मज़बूत हो पाते इस रिश्ते के root
कर दिया उसने मेरे दिल को shoot
फिर भी नहीं है कोई शिकवा या गिला, क्योंकि पी लिए मैंने सारे ग़म और पछतावे in one ghoont।
और अब इश्क़ होगा, only after stitching my wedding suit.
By Vansh Sahni

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