एक ज़िन्दगी जो बर्बाद की गई
By Abhishek Choudhary
एक ज़िन्दगी जो बर्बाद की गई
वो भी तेरे फ़िराक़ में न पूरी जी गई।
कौन रुकता हैं यहाँ एक शख्स की खातिर
एक शख्स की खातिर ज़िन्दगी गुजारी गई।
वो शख्स मेरा शागिर्द था या फिर
उस शख्स को मेरी शागिर्दी दी गई।
वो शायद गहनों से सजाती होगी खुद को
हमारी जिंदगी उससे ही कमाल की गई।
इक तमन्ना ही होगी उसके पास होने की
तभी तो ये ताउम्र ख़राब की गई।
उम्र भर हम पीते रहे शराब
आखिर में हमको शराब पी गई।
By Abhishek Choudhary

Looking like a wow
Great
Umr bhar hum pite rahe sharab aakhir me humko sharab pi gai kya lajwab likha hai