एक सहारा मिला !
By Shivshankar Santosh Patwa
मानो डूबते को एक सहारा मिला,
अजूबा हुआ साथ तुम्हारा मिला।
हाथ थामा तो पाया ऐसा सुकून,
मानो जहां ये सारा मिला।
अकेला अनजान वो भटकता मुसाफ़िर,
मांगा जुग़नू उसे पूरा तारा मिला।
शय से उदय तक कि राहें मिली,
तेरे ज़रिए ख़ुदा का इशारा मिला।
चाहकर भी चाहे क्या तेरे सिवा,
दुआ तेरी मिली स्वर्ग सारा मिला।
By Shivshankar Santosh Patwa

👏❤️
काय खूब लिखा है जिन्दगी का एक सहारा मिला
🥰
😍 lovely
🙌🙌✨