एक मां सब जानती है
- Hashtag Kalakar
- Dec 20, 2025
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By Sumita Kumari
एक मां सब जानती है यूंही नहीं नौ महीने कोख में नन्हे को पालती है
नौ माह में नन्हे के विकास का सफर
गर्भावस्था का अहसास
मन के भीतर चलायमान
नए मेहमान के आने
का स्वागत हर पल करती है
उठते बैठते ख्याल रखती
खान पान का ध्यान रखती
सोते जागते अहसास करती है
एक मां सब जानती है यूंही नहीं नौ महीने कोख में नन्हे को पालती है
एक औरा है
जो तन मन को
प्रकाशित करता
एक नटखट जो
रह रह के किक करता
मंद मंद मुस्कुराती है
जब स्वास्थ्य जांच पटल
में उसकी हल्की हल्की
बिंब देखती है
दर्द भी रह रह कर करता
सब कुछ सहती है एक मां
जन्म के बाद उस नन्हे की
छुअन सारा दर्द भुला देता है
कितना खास होता है ये पल
एक मां सब जानती है यूंही नहीं नौ महीने कोख में नन्हे को पालती है
By Sumita Kumari

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