एक कहानी ऐसी भी
- Hashtag Kalakar
- Dec 11, 2025
- 1 min read
By Sudarshan Hon
वीर जवानों की एक गाथा
हमने भी सूनी थी ।
कश्मीर के कारगिल की
१९९९ की वो कहानी थी।।
दूश्मन सेना हमला करने
Border पार आनी थी।
कारगिल की जमीन उन्हे
उनके मुल्क में लानी थी।।
हमारे सैनिकों को बस
देश की शान बचानी थी।
इसलिए उन्होंने आज
हार न मानने की ठानी थी।।
उनके लिए शत्रूसेना
चाय कम पानी थी।
क्योंकि देशप्रेम की सीमा
आज आसमानी थी ।।
युद्ध हुआ तो दूश्मनों की
बहोत हुई हानी थी।
भारतीयों का शौर्य देख
उन्होने हार मानी थी।।
खुदा भी गवाह था
ऐसी लाजवाब मर्दानी थी।
कश्मिर के कारगिल की
१९९९की ये कहानी थी।।
दुश्मनों को जब धूल चटाई
तब युद्ध हुआ खतम।
अब खुशी से झूम रहा था
ये मेरा प्यारा वतन।।
कश्मिर होगा उनका
ये है उनका बहम ।
लढाई हम शुरु नही करते
ये है उनपे रहम ।।
जिनकी वजह से आज
चली मेरी कलम ।
उन शहीद वीरों की
है अब मुझे कसम।।
देश मेरा उन्नत हो
इसलिए बढे मेरे कदम।
देश हमारा उन्नत हो
इसलिए बढे हमारे कदम।।
By Sudarshan Hon

Comments