एक इन्सान हूँ मै
Updated: Feb 2, 2024
By Ganesh Patel
खुशियों के लम्हे
और
ग़मों के साए समेट कर
वक्त पर कदम
और
हादसों पर नजर रख कर
सूर्य को दीपक
और
आशमा को रास्ता बनाकर
समुन्दर में आशियाँ
बना रहा हूँ मैं
क्योकि
एक इंसान हूँ मैं /१/
नेताओ के वादे
और
वादों पर भरोसा कर
विकाश की चाह
और
उन्नति की आकांक्षा लेकर
शासन में सुशासन
और
सामान अधिकार कर्त्तव्य को लेकर
तर्जनी में स्याही
और
आँखों में सपने लेकर
नेता चुन रहा हूं मै
क्योकि एक इंसान हूँ मैं /२/
स्वतंत्र निर्भीक
और लोकप्रिय शासन का
सपना सजा कर
सत्य की राह
और
अनुभवों की आंच
पर तपा कर
सूर्य की तपिस
में
चाँद की शीतलता मिलकर
नया प्रकाश
बना रहा हु मै
क्योकि एक इंसान हु मै|३|
By Ganesh Patel

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