उड़ान
Updated: Oct 10, 2022
By Sakshi Begwani
पगलाई ये दुनिया
पढ़ती है लोगों को
अखबार के पन्नो की तरह
पर असल कहानी क्या है
यह कोई जानता ही नहीं
सोचता ही नहीं
आसिही कई कहानियां है
जिसकी खबर सबको है
पर असल कहानी से
कोई वाकिफ ही नही
ये कहानियां है
उन बिना पंख के पक्षियों की
जो अपनी उड़ान भूल चुके है
पिंजरे में कैद नहीं
नाही जंजीरों में बंधे
दाना पानी की खोज में निकले
और अब अनजान अपनी उड़ान से
क्या हुआ, पहेली समझ में नहीं आई?
यह कहानी है उन मुसाफिरों की
छोटे से कस्बों से आए
बड़े बड़े शहरों में जिन्होंने
कितने सारे ख्वाब सजाए
शुरुआत में खूब मेहनत करते
फिर नशे की लत लगाए
घर बार को भुलाकर
अपनी जिंदगी वीरान बनाए
आपने गम में डूबे डूबे
खुदको यूं लाचार दिखाए
शायद आज भी उस
मौके की तलाश में है
जो उन्हे मंजिल तक लेजाए
जो उन्हे उड़ान दिलाए
By Sakshi Begwani

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