ईश्वर हर परिस्थिति से कुछ ना कुछ सीखा रहे
By Deependra Srivastava
जब – जब दुख मुझे अपने गहरे प्रतीत होने लगते
तब – तब ईश्वर किसी को सामने लाकर
उसके दुख दिखा कर मेरे दुख की सच्चाई दिखाते है
मेरे ही दुख इस जग मे सिर्फ दुख और बड़े दुख है
इस भ्रम से दूर मुझे कर दिया करते है
यूं तो ये दर्शाते बिल्कुल नहीं की मेरे दुख की कोई अहमियत
नहीं
पर मुझे ये एहसास जरूर कराते है की संसार मे मै ही केवल
अकेला पीड़ित नहीं
मै ही अनोखा इस जग मे दुख को भोग नहीं रहा
ये निष्पक्षता का ज्ञान करा के मेरे अंदर करुणा और शक्ति
का संचार वो कर रहे
और अपने ही दुखों का विचार सिर्फ ये करता मन है
अपने ही दुखों का सहारा लेकर दूसरों को पीड़ा देता ये
मन है
मुझे इस स्तर पर गिरने से बचा रहे
मुझे इस अनजाने दुष्कर्म की ओर बढ़ने से रोकते जा रहे
By Deependra Srivastava

Nice