इश्क़ का फ़साना
- Hashtag Kalakar
- Dec 8, 2025
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By Rohit 'Lukad' Jain
छुप-छुप के तुझसे किया हमने इश्क़ ज़माना,
हर दर्द हँस के सहा, तुझसे जो था निभाना,
अब पूछते हो सबूत उस वफ़ा का यूँ ही तुम,
काश इश्क़ ने जाना होता खुद को जताना ।।
बेवजह तेरे लिए छोड़ आए थे फ़साना,
हर मोड़ पर तुझे चुना, भुला दिया हर बहाना,
तेरी खामोशियों में भी ढूँढा था इक जवाब,
पर तूने न समझा मेरा सवाल, ओ हसीना ।।
आँखों में बसाया तुझे जैसे कोई तराना,
तू हकीकत बना, और मैं बन गया अफ़साना,
दिल से अब जब भी लेता हूँ नाम तेरा
हर धड़कन कहती है तुझसे ही दिल लगाना ।।
By Rohit 'Lukad' Jain

Good one
Kya baat hai😍
Kya baat hai😍
Damnnn😍
Beautiful