इश्क़ और अश्क
Updated: Oct 2, 2024
By Anu - AnmolChahat
मैं दर्द से जब भी गुजरती हूं,तुम अश्कों में आ जाते हो,
आइना जब भी देखा है तो मुझमें नज़र तुम आते हो,
जब भी आंखों को बंद किया ख्वाबों ने तेरे जगाया है,
मैं चिहुंक उठी मेरे दिल ने कहा शायद तू मिलने आया है,
जब तुमको ढूढने लगती हूं तुम जाने कहां छुप जाते हो,
जब जब आइना देखा है,मुझमें नज़र तुम आते हो।
होठों की सुर्खी में तुम हो,गालों की लाली में तुम हो,
सीने की धड़कन में तुम हो,चूड़ी की खन खन में तुम हो,
काली काली जुल्फों में मेरे,बादल बनकर छा जाते हो,
जब जब आइना देखा है, मुझमें नज़र तुम आते हो।
एक बार अगर तुम मिल जाते,एक पल में बरसों जी लेती,
तुम मांग लेते सांसें मेरी,बिन सोचे समझे दे देती,
एक टीस हृदय तल में उठती,जब जाते हुए मुसकाते हो,
आंखों की पलकों से छलिया तुम आसूं बन ढल जाते हो।
By Anu - AnmolChahat

Comments