इन हालातों से भरी हुई जिंदगी…….
By priya jain
एक अजीब सी थकान,
एक झोपड़ी या टूटा मकान,
एक बिखरे विश्वास की लंबी सी चादर,
चंद चुनिंदा लोगों में आदर,
एक खामोशी में चीखता हुआ शोर,
एक वक्त के साथ बीतता हुआ दौर,
इशारा करके उस तरफ, कुछ तो बता रही है ज़िन्दगी,
शायद……
शायद मेरे हालात को जता रही है जिंदगी.।।
एक पन्ने पर सिमटी हुई पहचान,
वह आंखों में चुब रहे अनेक आंसू अनजान,
एक दिखावे का हंसना और दर्द छुपाने का अंदाज़,
एक कल का सब्र और घुट रहा यह आज,
एक ठहरे हुए वक्त का गहरा हुआ एहसास,
वो एक अनसुलझी सी गठन है जो लिए बैठे हैं
पास
एक हाथ पकड़ कर कुछ तो बता रही है जिंदगी शायद….
शायद मेरे हालात को जता रही है जिंदगी।।
By priya jain

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