इज़्हार-एक मज़ाक
By Gaurang (Gaur_Mats)
फ़र्ज़ करो कि कभी किसी दस्तूर पर दूर गए किसी अपने से मिलने का मौका मिल जाता है यूँही अचानक से, और बातों के बीच तुम्हारे दिल में एक अर्से से दबी जो बात है, वोह बात जो तुमने किसी से कभी ना कही हो, उस बात का इकरार और इज़्हार तुम कर देते हो, सोचा है क्या कि उसे टाल दोगे मज़ाक में या बढ़ने दोगे आगे बात को?
By Gaurang (Gaur_Mats)

Comments