इक तस्वीर...
By Anurag Nigam
ऐसी इक तस्वीर खींचनी है मुझे
जो तुम्हारी मोहब्बत को दिखा सके…
लम्हा लम्हा कैद हो हमारे सफर का
ऐसी इक तस्वीर खींचनी है मुझे…
तुम्हारी हर मुस्कुराहट कैद हो जिसमें
तुम्हारी जुल्फों की छाँव कैद हो जिसमें
तुम्हारी बातों की आवाज आये जिसमें
ऐसी इक तस्वीर खींचनी है मुझे…
तुम्हारे गानों की गुनगुनाहट
तुम्हारे पायल की छनछनाहट
तुम्हारे आने की आहट आये जिसमें
ऐसी इक तस्वीर खींचनी है मुझे…
तुम्हारे आँखों में न आँसू हो कभी
तुम्हारे होंठों में न उदासी हो कभी
तुम्हारे होने की खुसबू आये जिसमें
ऐसी इक तस्वीर खींचनी है मुझे….
ऐसी इक तस्वीर खींचनी है मुझे…..
By Anurag Nigam

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