इंतजार
- Hashtag Kalakar
- Jan 2, 2025
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By Ajay Yadav
एक शख्स मुझे रोता नज़र आता है,
तेरा इंतज़ार कहीं दूर मुझसे, बैठा नज़र आता है।
बहता हर बूंद भरता है,
वह हिस्सा जहां तू रहती थी, अब भी उस हिस्से की
प्यास बाकी है।
आज आईने ने बताया, बूंदें गायब हैं,
वह हिस्सा अब बंजर है,
वहां कोई नज़र नहीं आता।
तू भी नहीं, बस धुंध है और तेरा इंतजार।
By Ajay Yadav

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