आसान रास्ता
By Ananth
लिया करता हूँ वो रस्ता लगे आसान जो मुझको
कहीं मेहनत ना लग जाए
मशक़्क़त करनी पड़ जाए
जलाकर उतना रखता हूँ
मैं हर रिश्ते के ईंधन को
कि जितने से न पड़ जाए
कभी इल्ज़ाम मुझपे सर्द होने का
लिया करता हूँ वो रस्ता लगे आसान जो मुझको
सुलगता देख लेता हूँ
मैं घर अपना कई बारी
मगर चुप ही मैं रहता हूँ
कभी इस बह्स में पड़ना
ज़रूरी मैंने ना समझा
कि चिंगारी लगाने की
पहल किसने करी आख़िर
जला मंज़ूर है लेकिन
ये जोखम कौन लेता है
कि अपना हाथ डाले आग में उसको बुझाने को
कहीं मेहनत न लग जाए
मशक़्क़त करनी पड़ जाए
लिया करता हूँ वो रस्ता लगे आसान जो मुझको
By Ananth

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