“आसां ज़िंदगी”
By Dr. Megha Soni
ज़िंदगी है आसां बहुत,
यूं मुश्किल ना बनाइये,
करोगे रुख़ जिस ओर,
हर मोड़ पे ख़ुदा नज़र आएगा ,
सही गलत के फैसले,
यूं खुद न करते जाइए ,
ये तय है ,
किस मुकाँ पे पहुँचना है ,
हर रोज़,
ये चार दिन है बस ,
देखावे की होड़ में ना गवाईयें।
By Dr. Megha Soni

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