आसमान तुम्हारा है
By Suman Rai
हौंसले बुलंद रखो तो सारा आसमान तुम्हारा है
उच्चतम करने लगो तो दुनिया और जहान तुम्हारा है
प्रेम की परिभाषा से,समुचित संबंध बनाना होगा,
दया धर्म और करुणा का, पाठ सर्वत्र पढ़ाना होगा
प्रकृति के प्रत्येक प्राणी को प्रश्रय दो
यह शुभ अनुदान तुम्हारा है
उच्चतम करने लगो तो दुनिया और जहाँ तुम्हारा है
अपनी आचार संहिता को, समुचित विस्तार दो
अपरिहार्य है जो जीवन में, आश्वस्ति का शृंगार दो
दृढ़ प्रतिज्ञ हो, श्रेष्ठ चित्त हो , सब सम्मान तुम्हारा है
उच्चतम करने लगो तो दुनिया और जहाँ तुम्हारा है
भौतिकता क्षणिक सुरक्षा का आभास करा देगी
सम्मोहन और कामना , संदेह असुरक्षा बढ़ा देगी
दुःख से मुक्ति, भक्ति समर्पण , यह शुद्ध स्वभाव तुम्हारा है
उच्चतम करने लगो तो दुनिया और जहाँ तुम्हारा है
By Suman Rai

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