आराध्य देव शिव
By Aryawardhan Garg ( kajal )
मेरे है शिव , मेरे आराध्य....
प्रेमी से साध्य विधियों से बाध्य ।।
सावन मेरे सोमवार मेरे , भोले से जुड़े त्योहार मेरे...
भोले बाबा है साथ मेरे , विश्वास मेरे है पास मेरे !!
सांब सदा शिव , सांब सदा शिव , सांब सदा शिव नाम मेरे
शिव भी जिनके दर्शन को व्याकुल , वृज वृंदावनसब धाम मेरे!
भोले बाबा है राम रमे , भभूतों से सने श्यामसान रमे...
राम कि कैसी माया है कि , शिव नामों से घन श्याम रमे ।।
अज्ञानी मैं , अहंकार धरा...
हरिहर से विलग तो फिर ,ज्ञान है क्या ।।
धर्म यही है ज्ञान यही ,
परोपकार करो जीवों में दया...!!
प्रेम करो सब जीवन पर और
धर्म में बनी रहे करुणा।।
बड़े भोले वो बड़भागी मैं ,
हरिहर नामों का अनुरागी मैं ।
स्त्री , माया , संसार का त्यागी
सन्यासी नहीं पर वैरागी हूं मैं ।।
By Aryawardhan Garg ( kajal )

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