आधुनिक मीरा
Updated: Jul 16, 2025
By Asha Rani Sharan
साहित्य साम्राज्ञी महादेवी जी को
करते हैं हम श्रद्धा नमन और देते सम्मान
रंग उत्सव के दिन जन्म हुआ
पर रंगों से था नहीं लगाव
सात्विक साध्वी और तपस्विनी
ऐसा था उनका जीवन
उदारता ,करूणा और सरलता से
था उनका जीवन परिपुरित
आत्म निवेदन का स्वर
उनके काव्य में था मुखरित
अज्ञात प्रीतम के प्रति विरह व्यथा, आत्मिकता,
दार्शनिकता के मृदुल उदगार
सहृदयजन को मोह लेते
करते कोमल भावों का संचार
श्रृंगार रस कॆ काव्य में भी
संयोग और वियोग का मिश्रण दिखा
लौकिक धरातल पर अलौकिकता के
ऊॅचे अंबर को स्पर्श किया
दुख, पीड़ा और विषाद से
काव्य उनकी घिरी रही
पर, कुंठित कर दे कर्म शक्ति को
विषाद का वह भाव नहीं
संयम , त्याग और परहित के
समावेश को जो दर्शाए
ऐसे विषाद को महादेवी ने
शब्द चित्रों से अंकित किया
उस नारी शक्ति को
करें हम बारंबार नमन
स्वतंत्रता संग्राम की सेनानी को
करें श्रद्धा सुमन अर्पण
By Asha Rani Sharan

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