आत्मनिर्भर भारत।
By Kedar Dhananjay Kulkarni
शुरू हुआ एक नया सफर,
अब कसले तु अपनी कमर|
डगमगाना नहीं है अब मगर,
हो रहा है भारत आत्मनिर्भर।|
कोरोनाको सभीने मिलकर हराया ,
मजबूत है संकल्प, कोई मंजिल नहीं पराया|
इस जंगमे हमें मना है थकना,
उठ! अब भारत को है जीतना||
इस बिमारिसे दुनियामे थी निराशा,
भारत की दवाईयाँ लाई नई आशा|
हमेशा दिखाए मानवता को सही दिशा,
विश्वगुरु भारत, अब यही है अभिलाषा।|
अटल है हम सभी के इरादे,
पूरे होंगे नए भारत के वादे|
कंधे से कंधा मिलाकर करेंगे काम,
फिर होगा भारत सुजलाम सुफलाम।
हर लमहा अब वतन को है कुर्बान,
राष्ट्रनिर्माण में लगाएं पूरी जान|
हर घर में है अब एकही जुबान,
रखेंगे भारत की आन बान और शान।
Vocal for Local की है पुकार,
सशक्त राष्ट्र बनने की है ललकार,
करेंगे आत्मनिर्भर भारत को साकार,
विश्व में होगी, भारत माँ की जय जयकार,
भारत माँ की जय जयकार,
भारत माँ की जय जयकार।
जय हिन्द! 🇮🇳
By Kedar Dhananjay Kulkarni

Comments