आत्मनिरभर भारत
Updated: Oct 8, 2022
By Devishi Mathur
अनंत नीले आकाश तले
इस अद्भुत पृथ्वी का एक नायब टुकड़ा हूँ मैं
हाँ मैं एक आत्मनिरभर भारत हूँ
आत्मनिर्भरता है भारत का कल
आत्मनिर्भरता है हर समस्या का हल
हज़ारों साल मुझे फुसलाया गया
अंग्रेज़ों के हाथों कुचला गया
निर्दोष होकर भी मैं अत्याचार सेहत गया
लेकिन हर बार मैं उठ खड़ा हुआ
अदम्भ है सहस का परिचायक हूँ मैं
हाँ मैं एक आत्मनिर्भर भारत हूँ
विश्व को शुन्य की सौगात मैंने दी
तोह कभी अध्यात्म की महत्ता बताई
और कभी योग से मानव के तन मन
की शुद्धि का उपाय बताया
कभी गाँधी के रूप में अहिंसा
का पाठ सिखलाता हूँ मैं
हाँ मैं एक आत्मनिर्भर भारत हूँ
कभी विद्रोह की अग्नि से
अत्याचारियों को सबक सिखाता भारत हूँ मैं
अपने अंदर प्रतिभाओं का आपार सागर समेटे
अपनी संस्कृति के प्रकाश को दुनिये के
कोने कोने में फैलता भारत हूँ मैं
सत्यनिष्ठा से परपूर्ण स्वदेशी का पक्षधर भारत हूँ मैं
हाँ एक आत्मनिर्भर भारत हूँ मैं
हाँ एक आत्मनिर्भर भारत हूँ मैं
जय हिन्द जय बहरत
By Devishi Mathur

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