आओ फिर से एक साथ आते हैं
By Nisha Dudi
आओ फिर से एक साथ आते हैं ,
इन गहरे अंधेरों में एक रोशनी की लो जलाते हैं .......।।
आओ फिर से एक साथ आते हैं,
धर्म ,जात- पात ,मजहब को पीछे छोड़ इंसानियत को अपनाते हैं ....।।
आओ फिर से एक साथ आते हैं ,
स्कूल कॉलेज के पुराने दोस्तों के साथ एक बार फिर महफिले जमाते हैं
...।।आओ फिर एक साथ आते हैं,
पीछे छूट गए रिश्तो को फिर प्रेम से नया बनाते हैं......।।
आओ फिर एक साथ आते हैं,
अपनी चिंता ,तनाव को भूलकर दूसरों की मदद के लिए हाथ बढ़ाते हैं,
आओ फिर एकजुट हो जाते हैं ,
आओ फिर एक साथ आते हैं....।।
नए युग में नए तरीके से प्रेम की लो जलाते हैं......।।
आओ फिर से एक साथ आते हैं।।
By Nisha Dudi

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