अहिंसा ही धर्म है…
Updated: Oct 8, 2022
By Rishabh Jain
अहिंसा ही धर्म है
अहिंसा ही पूजा,
मुझसे मेरा धर्म न पूछो
उत्तर दूंगा न मैं कोई दूजा
चाहे Ramzan में Ram हो
या Diwali में Ali,
चर्चे तो आज भी यही होते हैं गली गली
कि तुम्हारा धर्म क्या है?
आज मुश्किल की इस घड़ी में
जब देश खुद लड़ रहा इस महामारी से,
कुछ नहीं मिलेगा तुमको आपस में लड़ कर
और पैदा कर, एक और नयी बीमारी से
अहिंसा की शक्ति अपार है
इसकी महिमा अपरंपार है,
जब महात्मा जैसे महापुरुष ने इसे अपनाया,
और हमे अंग्रेज़ो से छुटकारा दिलाया
मत समझो तुम इसे हमारी कमज़ोरी
अहिंसा तो है हमारी सबसे बड़ी सीनाज़ोरी,
हिंसा कर तुम और पाओगे भी क्या?
खुद से नज़रे मिला पाओगे भी क्या?
अरे आज के इस कलयुग में,
पहले ही काफी रावण बैठे हैं
आज तुम भी बनो Ramzan के Ram
और हम भी बने Diwali के Ali,
सिर्फ कहने से कोई नहीं बनता महान
सिर्फ कर्म से बनते हैं सब – बाहुबली
इसलिए मैं कहता हूँ कि
छोड़ो यह सब और करो सिर्फ अच्छे कर्म,
क्यूंकि केवल यही एकमात्र सत्य है -
अहिंसा परमो धर्मः
अहिंसा परमो धर्मः...
By Rishabh Jain

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