अनमोल हो तुम
- Hashtag Kalakar
- May 20, 2024
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Updated: Oct 2, 2024
By Anu - AnmolChahat
सुबह की गुलाबी धूप और सिंदूरी शाम हो तुम,
जो राही को भटका दे मंजिल से,ऐसा एक जाम हो तुम,
इस पूरी दुनियां में तुमसा और कोई नहीं,
कैसे ना कह दें तुम्हें कि !! मेरी जान हो तुम।
तुम मेरे पूरे जीवन का अनमोल खजाना हो,
तुम्हें देखने के बाद कैसे दिल ना दीवाना हो,
तेरी एक नज़र पर बिक जाऊं ऐसा एक दाम हो तुम,
जिसे सोचकर धड़कन बढ़ जाय ऐसा एक नाम हो तुम।
तेरी यादें तेरे सपने छुपा रखा है सीने में,
तेरी यादों से दूर होकर मजा नहीं है जीने में,
तुझे याद करना तुझे चाहना,मेरा सबसे ज़रूरी काम हो तुम,
मेरे दिल से पूछकर देखो "अनु "मेरी पहचान हो तुम।
By Anu - AnmolChahat

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