अनकही बातें
Updated: Aug 2, 2025
By Monika Jayesh Shah
कुछ अनकही सी बाते..
कुछ अधूरी यादेॱ..
इस तरह मेरे दिल को छू गयी...
मेरे दिल की किताब आरजू बन
आज मेरी ही कविता बन गयी!
मन के भाव मन की बातें..
कुछ अनकही सुलझी सी रातें!
तन्हाई का आलम..बावरा मन;
ख़ामोशी सा हैं.. ये समा सावन!
अंधेरी बातें अंधेरी यादे..
हर एक लम्हें की बेहतरीन यादें.
कैसे ना बया करे दिल की रागिनी..
मौसम की खूबसूरत रंगीन नजारे!
दिले दिल गुलजार मेरा;
सलामत रहे.. मेरा हमेशा...
कागज कलम तलवार
आज है..पोयिटॗी डे.वार!
कविता का कारवाँ
कविता का दरबार
मेरी कविता का सारवार;
यही है..जीवन का कारभार!
By Monika Jayesh Shah

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