अधूरे - तेरा मेरा प्यार
By Laxmi Guria
कैसे हो तुम?
न सोचना की याद आ रही तुम्हारी,
न सोचना की अब ज़रूरत पड़ गयी तुम्हारी |
वक्त को न कोसना हमारे,
न कोसना हमारे उस मतलबी इश्क़ को |
जानते हैं,
ज़िन्दगी कुछ आगे सी बड़ गयी है,
बदल तो हम भी गए हैं कुछ इस तरह |
माना अँधेरी यह रात है और,
माना अधूरा तू भी मेरे साथ है |
दरवाज़े दिल के तेरे मेरे
खुल कर भी बंद हैं |
आँखों की खिड़कियों से,
तरसते बिचारे हम हैं |
तलाश है बस उस राह की,
जिस राह पर हम अक्सर टकराते हैं,
शायद कभी तुम हमे रोकलो,
शायद हम कभी तुम्हें पुकारले,
या शायद,
यह बस कुछ दिनों की बात है |
By Laxmi Guria

Comments