अधुरे पन्ने
By Pravin Mane
जिंदगी की किताब के कुछ पन्ने बने ही इसलिये होते हे,
की अधुरी कहानियाँ समेट पिछड जाय,
परं कभी कभी ये कम्बखत यादो का झोका उन्ही पन्नो को पलट देता हे,
और बस आँखियों मे नमी सी छा जाती हे---
अधुरे अफसाने उस नमी मे डूब जाते हे...
By Pravin Mane

Comments