अच्छा ठीक है
By Saksham Raj
नहीं हुआ तू मेरा ठीक है
मना करना तेरा ठीक है
तुझे दोस्ती है मंज़ूर अगर
ये रिश्ता आधा ठीक है
पूछा मत कर मेरे बारे में अब
मेरा दिल तनहा ठीक है
तू अगर मेरी ग़लती है तो
ग़लती दोहराना ठीक है
रोशनी चुभा करती है आंखों में
मेरे लिए अंधेरा ठीक है
मुझसे सादगी की उम्मीद न रखना
मेरा मन आवारा ठीक है
क़रीब न आना मेरे 'क़ाबिल'
मुझसे छुटकारा ठीक है
By Saksham Raj

Waah kya khub likha hai 🤌🏻
Greattttttttttttt
Uff loved it🤌🏻🤌🏻
Uff loved it🤌🏻🤌🏻
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