अग्निपथ के वीर
By Preetika Gupta
नभ चीरती ध्वजा, शौर्य का गान है,
हर कण में, हर साँस में, भारत का अभिमान है।
अंधेरे जब भी छाए, आतंक जब ललकारा,
ढाल बन खड़े हुए, हर वीर हमारा।
पहाड़ों की ऊँचाई, रेगिस्तान की रेत,
दुश्मन की हर चाल, हर वार है बेमतलब।
न कोई लोभ उनको, न कोई मोह भाए,
बस देश की माटी, जिसकी लाज बचाए।
गोलियों की बारिश में, चट्टान से अडिग,
हर मोर्चे पर डटे, संकल्प से प्रदीप्त।
माँ भारती के लाल, माँ के लिए जीते,
हंसते-हंसते वो, अपनी जान देते।
खून की हर बूँद, कहानी है लिखती,
अमरता की गाथा, बलिदान से सजती।
वो जागते हैं सीमा पर, हम चैन से सोते हैं,
शौर्य उनके क़दमों में, सर हम झुकाते हैं।
भारत माँ की धरती पर जब भी किसी दुष्ट आत्मा ने अपने काले साये फैलाने चाहे, जब भी मानवता पर आतंकवाद की काली गर्जना हुई, तब-तब हमारी सेना के वीर सपूत अग्निपथ के पथिक बनकर खड़े हो गए। उनकी हर सांस में देशप्रेम का हवन जलता है, उनकी हर दृष्टि में देश की सुरक्षा का संकल्प दृढ़ होता है। वे केवल सैनिक नहीं, वे इस राष्ट्र की आत्मा के सजग प्रहरी हैं।
पहाड़ों की बर्फीली चोटियों से लेकर रेगिस्तान की तपती रेत तक, घने जंगलों की गूढ़ गहराइयों से लेकर शहरी कोलाहल तक, जहाँ कहीं भी आतंक ने सिर उठाया है, हमारे जांबाज़ों ने उसे कुचलने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यह सिर्फ बंदूक और बारूद का युद्ध नहीं है, यह सत्य और असत्य के बीच का सनातन संग्राम है। इसमें हमारे जवान अपनी निस्वार्थ सेवा, अद्वितीय साहस और सर्वोच्च बलिदान के साथ देश के गौरव को स्थापित करते हैं।
उनके शौर्य की कहानियाँ सिर्फ युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं हैं, वे हर उस भारतीय के दिल में गूँजती हैं जो एक सुरक्षित और शांत भारत का सपना देखता है। उन्होंने हमें सिखाया है कि आतंक कितना भी प्रबल क्यों न हो, साहस, एकता और दृढ़ निश्चय उसे पराजित कर सकता है। वे सिर्फ़ दुश्मन को नहीं हराते, वे हर उस डर को हराते हैं जो हमें कमज़ोर करना चाहता है।
'ऑपरेशन' कोई भी हो, उनका एकमात्र लक्ष्य होता है - माँ भारती का सम्मान और हर भारतीय की सुरक्षा। उनकी यह शौर्यगाथा युगों-युगों तक प्रेरणा देती रहेगी।
By Preetika Gupta

Comments