अखंड राष्ट्र
By Ganesh Patel
जो फन फुफ्करेगा
दमन शमन बिष हीन
करूँगा /१/
जो उठाएगा ऊँगली
तोड़ मरोड़ अंग भंग
करूँगा /२/
जो तेरे खिलाफ खड़े होंगे
हर मनसूबे नष्ट
करूँगा /३/
संगीने सीने में गडूगा
सारे जतन विफल
करूँगा /४/
मै आज़ाद नागरिक भारत का
आँख नहीं उठने
दूंगा /५/
अखंड राष्ट्र निर्भीक राष्ट्र
संपन्न राष्ट्र नित नव जीवन गान
लिखूंगा /५/
By Ganesh Patel

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