अंतिम मिलन
- Hashtag Kalakar
- Dec 31, 2024
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By Surjeet Prajapati
तुम मुझे मेरे जीवन के संध्याकाल में ही सही,
यह बात कह देना,
कि तुम सदा से ही मुझे प्यार करती थीं,
जो कि मेरा भ्रम नहीं,
है बिल्कुल सही....
जीवन का अन्तिम पड़ाव जो मेरे समक्ष भी है.
और तुम्हारे समक्ष भी,
तो मैं तो कहने से डरता रहा,
और तुम समझकर मेरी भावनाओं को,
और जानते हुए भी तुम भी न कह सकीं अब भी,
तो बात कहने कहने की ललक कसक बन जायेगी,
तेरे और मेरे ह्रदायों के बीच ही बस जायेगी,
मेरे और तेरे जीवन के इस संध्या काल में....
यह कि मैंने तेरे ही कारण न सजाया विवाह स्थल अपना,
यह बात कह देना,
जो कि मेरा भृम नहीं है बिल्कुल सही.....
ऐसा करने का बहाना कोई रहा पर दासता तेरी रही......
यह बात कह देना,
जो कि मेरा भृम नहीं है बिल्कुल सही…..।।
By Surjeet Prajapati

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