Zindagi- Ek Safar
Updated: Jul 29, 2025
By Atharv Saxena
जगह वही है और लोग भी,
किरदार भी वही हैं,
सब वैसा ही है लेकिन माहौल बदल रहा है,
ना जाने क्यूँ दिन भी अँधेरा सा लगता है
आया इस जगह देखने जिंदगी के रास्ते,
ना जाने क्यूँ ऐसा लगता है,
जैसे दिन बीते समय नहीं हुआ और,
नया सूरज उगने को आया है,
बीत जाने के बाद सारी उमर
देखने परखने के बाद लोगो को,
हाय! ज़िंदगी जीना आया है,
अरसों बाद ही तो दिल ने मुझे बुलाया है,
डालने के लिए एक नज़र अपने पुराने रास्तों पर,
पाने के लिए एक झलक,
कहाँ से थे,
कहाँ तक आए हो,
तुम तो यहीं तुम्हारे साथ हो,
लेकर वज़न ज़िम्मेदारियों का,
अपने कंधों पर तुम साथ लाए हो,
यही जगह थी और यही माहौल,
वो तो तुम बाद में आये हो,
आज न बदलने वाली चीज़ों को देखकर भी मुस्कुरा रहे हो,
जिंदगी तो एक सफर है जो जारी है,
लेकिन रुकना भी इसमें जरूरी है।
By Atharv Saxena

Comments