Zindagi Aasaan hai
By Gaurav Kumar
गर ना है अपना घर, बस किराए का मकान है
बस सूखी सूखी रोटी है, ना तंदूरी नान है
ना कोई जायदाद है, बस थोड़ा सा सामान है
पर आंखों में है सपना, और जुनूनी जान है
तो मेरे दोस्त, ये जिंदगी आसान है
ना कोई वफादार है ना कोई मददगार है
ना कोई तेरा सपना सुनने को तैयार है
ना तू किसी का खास है, ना कोई तेरे पास है
अपने भी तेरे अब तुझसे उदास है
पर तेरे दिल में कुछ करने की ठान है
तो मेरे दोस्त, ये जिंदगी आसान है
याद रख तेरा सपना हमेशा तेरे साथ है
हार ना मान चाहे जैसे भी हालात हैं
बुद्धि इस्तेमाल पर कोई रास्ता तू सूझ
जवाब सब यहीं पर हैं सवाल तू पूछ
अगर तेरे अंदर आत्म स्वाभिमान है
तो मेरे दोस्त ये जिंदगी आसान है
दूसरों की जिंदगी में झांकना तू छोड़ दे
और अपना ध्यान खुद की ओर मोड़ दे
मैं क्या चाहता हूं खुद से कर तू यह सवाल
तब खुद को जानने का आएगा ख्याल
तू क्या है कौन है क्या तेरी पहचान है
यह जान ले तो मेरे दोस्त
ये जिंदगी आसान है
By Gaurav Kumar

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