कठिन जीवन पर कविता…
Updated: Oct 7, 2022
By Priya Jain
ज़िन्दगी को आज हम अपने मुकाबित करते है,
खुशनुमा है ज़िन्दगी आज ये हम साबित करते है!!१!!
जब दर्द ये दिल का बढ़ जाए, उस दर्द को अपनी दबा बना,
जो निकले चीख कभी फिर तो, उस चीख से अपना जोश बढ़ा,
चलता जाना अपने रास्ते, मंजिल की तरफ अब कदम बढ़ा,
आज इस निराश मन को फिर से उत्साहित करते है,
खुशनुमा है ज़िन्दगी आज ये साबित करते है!!२!!
कुछ कहते हैं मजबूर है हम उस वक्त से अभी दूर हैं हम,
लेकिन इतिहास यह कहता है मजबूरी ही बनती है ताकत,
जब लहू रगों में दौड़ता है और हिम्मत की होती है आहट,
ऐसे ही गुणों को हम खुद में समाहित करते हैं,
खुशनुमा है जिंदगी आज ये साबित करते हैं!!३!!
इस दुनिया में सब इंसान नहीं इंसान वह है जो खुश रह जीता है,
पर जिसको देखो वही यहां पर झूठे से आंसू रोता है,
और नहीं कोई हमें ही अपने हालातो के जिम्मेदार हैं,
तो आज अभी से हम खुद को खुशियों पर आधारित करते हैं,
खुशनुमा है जिंदगी आज यह साबित करते हैं!!४!!
है यही समय यही अवसर है, है कोई नहीं बस एकसर है,
आज दिखा दे दुनिया को आने वाली तेरी शहर है,
ना रोक सकेंगे अब हमको , ये राह में जो काटे पत्थर हैं,
आज दूर दिल से हम अपने सुगबुगाहट करते हैं,
खुशनुमा है जिंदगी आज यह साबित करते हैं!!५!!
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By Priya Jain

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