Yaaden
By Pritesh Maheshwari
यादें बीते वक्त का अक्स होती है..
यादें जैसी भी हो ज़बरदस्त होती है..
यादें हर किसी के अकेलेपन का सहारा होती है..
यादें हर किसी के जीवन सागर का किनारा होती है..
यादें उमर के हर डगर, हर पड़ाव की.. कहानी होती है..
इंसान बूढ़े हो जाते है, पर उनकी यादों में हमेशा.. जवानी होती है..
यादें बचपन को संजोती है.. जवानी ओर बुढ़ापे के संघर्षों की थकान मिटाने को..
यादें तजुर्बों को साथ लाती है, ज़रूरत पड़ने पर नई सीख सीखाने को..
यादें पीढ़ीयों को पीढ़ीयों से जोड़ती है..
यादें दूरियों को भी पल में तोड़ती है..
यादें हमारे अंदर.. हमारे सपनो और अपनो को ज़िंदा रखती है..
कभी ग़लत किया हो.. तो वक्त बेवक्त यादें, हमें शर्मिंदा करती है..
ऐसे कई है.. जिनको बस, अपनी यादों का खुमार होता है..
अपने आज से भले उतना ना हो.. जितना कि अपनी यादों से प्यार होता है..
यादें तब सुहानी होती है जब कोई उनका कदारदान होता है..
यादें उनके पास होती हे जिनपे रब मेहरबान होता है..
By Pritesh Maheshwari

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