Waqt-Waqt Ki Baat Hai...
By Prathamesh Samant
वक़्त जब करवटें बदलता है,
बातें लिबास बदल लेती हैं...
वक़्त-वक़्त की बात है,
बातें वहीँ पुरानी, बस अंदाज बदल लेती हैं...
वक़्त लौट के आता नहीं,
बीते दौर जरूर दस्तक दे जाते हैं...
कह गए वोह बीत गए,
बीती यादें जरूर लौट के आती हैं...
वक़्त के साए यूं ही साथ चलते हैं,
ना हम उनसे-ना वोह हमसे कुछ कहते हैं...
इन् अनकाही-अनसुनी बातों में,
ना जाने कितने जमाने गुजर जाते हैं...
वक़्त जब करवटें बदलता है,
बातें लिबास बदल लेती हैं...
वक़्त-वक़्त की बात है,
बातें वहीँ पुरानी, बस अंदाज बदल लेती हैं...
By Prathamesh Samant

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