Tere Bin
Updated: Feb 1, 2024
By Suroochi Rahangdale
चरखी सी जिंदगी हो गई है
तुम जो नहीं हो तो कोई उमंगे भी नहीं है।
आंसुओं को भी बहने नहीं देते हैं हम I
सोचते हैं हंसते रहो!शायद यही सही है।
किसी को इल्म न हो कि हम टूटे हुए हैं
जैसे साख से गिरकर पत्ते बिखर चुके हैं।
कुछ जिम्मेदारियो में खुद को बांध लिया है I
इन फूलों को महकाना है!
अब यह ठान लिया है।
कोशिश जारी है, हार नहीं मानेंगे। I
तू मुझ में जिंदा है कहीं!
एक दिन तुझे बता देंगे।
जिंदगी इसी का तो नाम है,
कुछ यादों के साथ आगे बढ़ जाना है।
जीना तो है ही तेरे बिन।
तो बस यही सलीका है और यही बहाना हैं I
By Suroochi Rahangdale

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