Teen-Age
Updated: Jul 29, 2025
By Hemu Vikramaditya
ये जो उम्र होती है ना टीनएज 13 से 19 जिंदगी का सबसे घटिया टाइम कह लो या बढ़िया कह लो पर होता गजब का ही है सबसे ज्यादा धोखे इसी उम्र मे होते हैं जैसे दोस्ती,कैरियर,पैसा,प्यार सब इसी उम्र के शुरू किए हुए धोखे हैं।जो इस उम्र मे दोस्त बनते हैं आपको लगता है ये जिंदगी भर के लिए दोस्त हैं साथ मे नौकरी करेंगे साथ साथ घर बना के रहेंगे साथ साथ बिजनिस एम्पायर खड़ा करेंगे कभी दोस्ती नही तोड़ेंगे फिर फिर हमारे बच्चे भी दोस्त होंगे तेरे से ज्यादा प्यार मे उन्हें करूँगा वो मुझे चाचा/ताऊ कह के तेरी शिकायत करेंगे और जो ये प्यार प्यार है ना उर्फ प्रेम उर्फ इश्क़ उर्फ मोहब्बत उर्फ लहसन की एक कपोल कल्पना है ना ये भी ये ही उम्र देती है रांझणा,आशिकी 2,रमिया वस्तावइया बहुत लंबी लाइन है ये हमारे जमाने की हैं जिन्हें देख के ये प्यार वाली फीलिंग जन्म लेती है और फिर इस उम्र का दिया हुआ ये "सस्ता जहर" आपको पूरी जिंदगी भर पीना पड़ता है।
लेकिन असली जिंदगी शुरू होती है जब आप 20 से ऊपर जाते हैं तब आप समझना शुरू करते हैं कि जिसके साथ फ्यूचर मे आपने एक मल्टीस्टोरी
बिल्डिंग साथ रहने के लिए बना ली थी वो अब आपको तोड़नी पड़ेगी क्योंकि वो दोस्त एक "सस्ता नशा" था,जिस नौकरी को आप साथ करने की सोच रहे थे उसके तो आप एलीजिबलिटी क्राइटेरिया मे ही नही हैं,जिस पैसे को आप सोच रहे थे कि साथ मिलकर खर्च करेंगे वो पैसा तो मोदी जी की नोटबन्दी से भी काफी पहले बंद हो गया था और प्यार ये तो भाई साहब रात को शक्कर का दूध पीने से भी खतरनाक आदत बन जाती है ,खैर टॉपिक को ज्यादा नही बहुत ज्यादा लंबा खींचते हुए शुरू करते हैं "दो बात प्यार की" उम्र ये ही करीब है 21-22 साल इस उम्र मे प्यार 2 तरीके से होता है पहला होता है हाइड्रोजन की तरह जंहा भी जगह मिली घुस लिए दूसरे होते हैं रेडॉन जैसे जो जंहा जगह मिले वँहा भी ना घुसे (वैसे मेरी केमिस्ट्री काफी अच्छी थी स्कूल टाइम से ही भले ही दोस्ती के चक्कर मे अपने केमिस्ट्री वाले मास्टर जी को जवाब आते हुए भी नही देते थे क्योंकि दोस्ती तो यंही टेस्ट होती थी वैसे मेरी इंग्लिश और फिजिकल भी अच्छे ही रहे हैं पहले से अब मैं अपनी तारीफ़ बन्द करता हूँ)
अब जो हाइड्रोजन वाला प्यार है ये समझा जाये तो उस सस्ते जहर का एन्टीडॉट है क्योंकि जो धोखा आपको उस टीनएज मे हुआ था प्यार को लेकर ये हाइड्रोजन प्रोसेस उसको तोड़ता है अब आता है रेडॉन वाला प्यार ये वाला प्यार पास्ट मे भी परफेक्ट टेंस है (जैसा मैंने कहा था मेरी इंग्लिश) इस प्यार मे आप टीनएज के धोखे से निकल नही पाते क्योंकि आपको लगता है प्यार मे कोई बाई सिस्टम नही है(जैसा कि मेरी फिजिकल भी अच्छी है) जिसके कारण आप एक जगह रिएक्शन करने के बाद कैटलिस्ट ना हो पाने के कारण प्रोडक्ट नही दे पाते और रैक्शन इन्कम्प्लीट रह जाती है।अब आप उस टीनएज के धोखे के चक्कर मे कुछ कर नही पाते क्योंकि तब आपने रांझणा 13 बार देखी थी।
खैर ये जो सस्ता जहर है ना ये सही रिएक्शन कम गलत रिएक्शन ज्यादा करता है जैसे फलाने ने गुस्से गुस्से मे सस्ता जहर पी तो लिया लेकिन मरा नही बल्कि पैरालाईसीस हो गया अब सारी जिंदगी जिंदगी से 36 का आकंड़ा है।
अब जैसे जैसे उम्र बढ़ती है आपको लगना शुरू होता है भैया ये चल क्या रहा है ?
ये तो "इन्सेप्शन" से भी खतरनाक दुनिया है टीनएज मे आपने क्या सोचा था ये हो क्या रहा है इस फैब्रिकेटेड दुनिया मे लेकिन जो ये हो रहा है ये ही जिंदगी का सच है वो सच जो हम शुरू मे नही समझ पाते।दोस्ती जितनी आसान हम सोचते हैं उतनी आसान नही होती,जिन रिश्तों को हम जिंदगी भर साथ निभाने का सोचते हैं वो छूटने लगते हैं मुठी से रेत की तरह दबाओ तो रेत और जल्दी निकल जाएगा।जिन सपनो को आप किसी के साथ पूरा करने की सोचते हैं वो सपने सिर्फ आप ही के होते हैं किसी और के नही।जिस सफर पर साथ चलने का आप सोचते हैं वो मंजिल केवल आपकी होती है किसी और कि नही।
सब कुछ हमारे सामने बिखर रहा हुआ होता है जो हम अब तक बुनते आये थे और हम कुछ नही कर पाते सिर्फ उसके कुछ टुकड़ो को संभाल कर यादों मे रख लेने से अलग और वो भी केवल अपने लिए
किसी और के लिए नही।अभी तक कि जिंदगी ने तो ये ही सिखाया है अब आगे देखते हैं.....
By Hemu Vikramaditya

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