Tanhai Ki Samandar
Updated: Jul 14, 2025
By K Tarun
पेड उजड़ गए,
नदियाँ बह गईं,
पर मेरे किनारे पे तुम वहीं रह गईं।
अभी ना जाओ छोड़ कर,
आखिर मेरी दुनिया जो तुममें बस गई।
तन्हाई के उस समंदर में मैं डूबा पड़ा,
जिसके पानी को तुमने एक दम से पी लिया।
मेरे रूखे से दिल को जीने का सहारा दे दिया।
अभी ना जाओ छोड़ कर,
कि तुम्हें कभी भुला ना पाएंगे।
अभी ना जाओ छोड़ कर,
कि हम तुम्हें भुला ना पाएंगे।
तुम्हारे बगैर,
उस समंदर में भी हम
अपना घर ना बसा पाएंगे।
By K Tarun

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