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Suno I LOVE YOU

By Kanchan Deora



वो हर रोज कालेज आते जाते मुझसे टकरा जाता, लम्बा कद और भोला चेहरा जिसपर उत्सुकता और मुस्कान हरदम बनी रहती। कहीं ना कहीं मुझे भी इंतजार रहता उसे एक नजर देखने का, लेकिन अब कुछ दिनों से वो नजर नहीं आ रहा था, मन में कई सवाल उठ रहे थे उत्सुकता वश अपनी सहेली से पूछा तो वो मुस्कराती हुई बोली "ये ले तुझे देने को बोला था उसने, और कहा था अगर तू पूछेगी उसके बारे में सिर्फ तभी तुझे ये लैटर दूं ।" वो लैटर हाथों में आते ही धड़कनों पे ना काबू ना सांसों पे, बस जल्दी से वो लैटर खोला तो लिखा था," डियर काजल हम आपका हर रोज इंतजार करते हैं लेकिन अब बारी आपकी है हमारा इंतजार करने की वो भी सारी उम्र भर, पढ़ के दिल जोरों से धड़क रहा था कि क्या राहुल अब कभी नहीं लौटेंगे मन ही मन खुद को कोस रही थी कि क्यों नही कही अपने दिल की बात उससे कह देती तो आज हम साथ होते। क्यों क्यों चले गये तुम बहुत प्यार करती हूँ आपसे, इन सब ख्यालों से दिल बैठा जा रहा था।





बेचैनी और आंखों में आंसू लिए आगे पढना चाहा तो आंसूओं से भरी आंखों से कुछ भी देख पाना मुश्किल हो रहा था तो अपने दोनों हाथों से अपनी आंखों को साफ किया तो आगे लिखा था, "कि रोज शाम जब हम आफिस से घर आएगे तो गरम चाय के साथ आप हमारा इंतज़ार करना। अगले इतवार आएगे आपका साथ जीवन भर के लिए मांगने और सनो i love you..."

आगे जो कुछ पढा वो पढके लगा कि आज मेरी हर मन्नत पूरी हो गयी और अपनी बेकार के डर पे मुझे हंसी आ रही थी, आज हमारी शादी की सालगिरह है आज भी जब हम दोनो जब भी शाम की चाय साथ पीते है तो वो कालेज की गलियारों के किस्से हमें रोमांचित कर जाते है। हर शाम हमारा प्यार और गहरा हो जाता। चाय की चुस्कियों की मिठास हमारे जीवन में भी मिठास घोले रहती।



By Kanchan Deora




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